Anulom Vilom Pranayam Benefits and Method in Hindi (अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने की विधि व फायदे)

योग स्वस्थ शरीर व इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है| योग न केवल भारत में बल्कि दूसरे देशों में भी बहुत प्रचलित है| योग के दो अंग आसन व प्राणायाम का अभ्यास साधारण लोगों द्वारा किया जाता है| इनका अभ्यास शरीर तथा मन में स्थिरता लाने में सहायक हैं| प्राणायाम के अभ्यास से न केवल नासिका व मुख प्रभावित होते हैं बल्कि शरीर के अन्य छिद्र व मार्ग भी प्रभाव में आते हैं|

प्राणायाम करने से मस्तिष्क के विकार दूर होते हैं तथा concentration बढ़ती है| पूरे शरीर में रक्त का संचार समान रूप से होता है| अनुलोम-विलोम प्राणायाम भी एक ऐसा ही प्राणायाम है जिसमें पैर से लेकर सिर तक पूरा शरीर प्रभावित होता है|

Anulom Vilom Pranayam Benefits in Hindi

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने की विधि (Procedure of Anulom Vilom in Hindi)

Step 1: किसी एक आसन में बैठें| पद्मासन, सिद्धासन या सुखासन|

Step 2: बाएं हाथ की ज्ञान मुद्रा (अंगूठा व साथ वाली उंगली को मिला कर एक छल्ला बनाएं बाकी तीन उंगलियां सीधी हों) बना कर घुटनों पर रखें, हथेली का रुख ऊपर की ओर हो| दाएं हाथ की प्राणायाम मुद्रा बनाएं|

Anulom Vilom Procedure

Step 3: अंगूठे के साथ वाली दो उँगलियों को मोड़ कर अंगूठे के गद्दी मूल में लगाएं| अंगूठा दाईं नासिका पर तथा अनामिका (ring finger) बाईं नासिका पर रखें|

Step 4: बाईं नासिका से श्वास भरें अब बाईं नासिका बंद करें| श्वास अंदर रोकें व मूलबंध लगाएं| निष्कासन मांसपेशियों को ऊपर की तरफ खींचना मूलबंध कहलाता है|

Step 5: जब रुका न जाये तो दाईं नासिका से श्वास को बाहर निकालें, अब अंगूठे से दाईं नासिका बंद करें| बाहर श्वास रोकें, फिर मूलबंध लगाएं|

Step 6: जब रुका न जाये तो अंगूठा हटाकर दाईं नासिका से श्वास भरें, श्वास अंदर रोकें तथा फिर मूलबंध लगाएं|

Step 7: जब न रुका जाए तो बाईं नासिका से श्वास बाहर निकालें तथा फिर मूलबंध लगाएं|

Step 8: बाईं नासिका से श्वास भरना शुरू किया था बाईं नासिका से ही श्वास को बाहर करें| यह एक आवृति हुई| इसी प्रकार क्षमता के अनुसार अवृतियाँ करते जाएं| फिर शांत बैठें|

अनुलोम विलोम प्राणायाम (Anulom vilom pranayam) करने की सही विधि की पूरी जानकारी आप मेरे इस youtube link पर भी देख सकते हैं|

अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे (Anulom Vilom Benefits in Hindi)

अनुलोम-विलोम प्राणायाम के लाभ गहरे लम्बे श्वास प्राणायाम के समान ही हैं|

श्वसन नली स्वच्छ होती है: इस प्राणायाम का अभ्यास करने से श्वसन नली व नाक का रास्ता स्वच्छ होता है|

सिर दर्द ठीक होता है: अनुलोम-विलोम प्राणायाम के नियमित अभ्यास से सिर दर्द में आराम मिलता है|

पाचन ठीक होता है: अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास करने से पाचन ठीक होता है|

फेफड़े सुदृढ़ बनते हैं: इस प्राणायाम का अभ्यास करने से फेफडों में श्वास भरने की क्षमता बढ़ती है तथा ये मजबूत बनते हैं|

रक्त का संचार: अनुलोम-विलोम का अभ्यास करने से पूरे शरीर में रक्त का संचार ठीक प्रकार से होता है|

Concentration बढ़ती है: इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से मन की चंचलता समाप्त होती है तथा concentration बढ़ती है|

हृदय पुष्ट होता है: हृदय की धमनियां पुष्ट होती हैं तथा उनमें रूकावट नहीं होती|

Babita Gupta

I am Babita Gupta M.A.(Psychology), M.Phil. (Education) want to share my knowledge and experiences which I have gained over the years. As an Educationist and Counsellor, I am dedicated to release the stress.

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