गहरे लम्बे श्वास प्राणायाम करने की विधि व फायदे (Gahre-Lambe Shvas Pranayam Benefits and Method in Hindi)

आसनों के साथ-साथ प्राणायाम भी बहुत महत्वपूर्ण हैं| प्राणायाम द्वारा हम सांसों पर control करना सीखते हैं| सांसों व मन पर control हो जाने से पूरे शरीर पर नियन्त्रण हो जाता है और यह केवल प्राणायाम द्वारा संभव है| प्राणायाम में श्वास को लम्बा, गहरा तथा लयबद्ध बनाया जाता है|

प्राणायाम करने से श्वास द्वारा अधिक ऑक्सीजन फेफडों में जाती है तथा कार्बन-डाई-ऑक्साइड बाहर निकलती है| प्राणायाम से मस्तिष्क के विकार दूर होते हैं तथा concentration बढ़ती है| गहरे लम्बे श्वास प्राणायाम भी एक ऐसा ही प्राणायाम है जिसमें पैर से लेकर सिर तक पूरे शरीर में रक्त का वितरण समान रूप से होता है| इसे Deep-Breathing भी कहते हैं|

Gahre-Lambe Shvas Pranayam Benefits and Method in Hindi

गहरे लम्बे श्वास प्राणायाम करने का तरीका/विधि (Procedure of Gahre-Lambe Shvas in Hindi)

Step 1: किसी भी एक आसन में बैठें पदमासन, सिद्धासन या सुखासन|

Step 2: कमर व गर्दन सीधी व आँखें कोमलता से बंद रखें|

Step 3: मन में प्रसन्नता के भाव हों व श्वास भरें|

Step 4: धीरे-धीरे श्वास बाहर निकालें व पेट को अंदर की ओर खींचें|

Step 5: पेट को इतना अंदर खींचें कि नाभिमूल रीढ़ से लगे|

Step 6: अब मूलबंध लगाएं| निष्कासन मांसपेशियों को ऊपर की तरफ खींचना मूलबंध कहलाता है|

Step 7: जब रुका न जाये तो पहले पेट ढीला करें, फिर मूलबंध खोलें तथा धीरे-धीरे कंठ तक आनन्दपूर्वक श्वास भरें तथा फिर मूलबंध लगाएं|

Step 8: यह एक आवृति हुई इसे बार-बार दोहराएं|

गहरे लम्बे श्वास प्राणायाम (Gahre-lambe shvas pranayam or Deep-Long breathing) करने की सही विधि व पूरी जानकारी आप मेरे इस youtube link पर भी देख सकते हैं|

गहरे लम्बे श्वास प्राणायाम के फायदे (Gahre-lambe shvas benefits in Hindi)

श्वसन नली व नाक स्वच्छ: इस प्राणायाम का अभ्यास करने से श्वसन नली व नाक का रास्ता स्वच्छ होता है|

सिर दर्द: इस प्राणायाम के अभ्यास से सिर दर्द में आराम मिलता है|

पाचन ठीक होता है: गहरे लम्बे श्वास प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से पाचन ठीक होता है|

फेफड़े पुष्ट होते हैं: फेफडों में श्वास भरने की क्षमता बढ़ती है|

रक्त का संचार: पूरे शरीर में रक्त का संचार ठीक प्रकार से होता है|

Concentration बढ़ती है: इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से मन की चंचलता समाप्त होती है तथा concentration बढ़ती है|

हृदय पुष्ट होता है: हृदय की धमनियां पुष्ट होती हैं तथा उनमें रूकावट नहीं होती|

Babita Gupta

I am Babita Gupta M.A.(Psychology), M.Phil. (Education) want to share my knowledge and experiences which I have gained over the years. As an Educationist and Counsellor, I am dedicated to release the stress.

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