चन्द्रभेदी प्राणायाम कैसे करें तथा इसके फायदे [Chandrabhedi Pranayama in Hindi]

योग का जीवन में बहुत महत्व है| एक ओर जहाँ आसनों का अभ्यास करने से शरीर पर प्रभाव पड़ता है, वहीं दूसरी ओर प्राणायाम करने से श्वासों पर नियंत्रण होता है| जिससे बाद में मन पर नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिलती है| प्राणायाम के अभ्यास के समय नियमित, नियंत्रित तथा निरीक्षित प्रक्रिया द्वारा श्वास को शरीर के अंदर लेना, बाहर छोड़ना तथा अंदर व बाहर रोकना शामिल होता है| इससे शरीर के आंतरिक के साथ-साथ बाह्य छिद्रों या मार्गों में भी जागरूकता बढ़ती है जैसे नासिका, मुख आदि|

Chndrabhedi Pranayam in Hindi

चन्द्रभेदी प्राणायाम किसे कहते हैं | Chndrabhedi Pranayam Meaning in Hindi

चन्द्रभेदी प्राणायाम गर्मियों में किया जाने वाला प्राणायाम है| बाईं नासिका (चन्द्र नाड़ी के भेदन के कारण) के प्रभावित होने के कारण इसे चन्द्रभेदी प्राणायाम कहा जाता है| चन्द्र नाड़ी के प्रभाव में आने से यह प्राणायाम शरीर को ठंडक देता है| मन को शांत करता है| शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक है|

चन्द्रभेदी प्राणायाम (Chandrabhedi pranayama) करने की सही विधि की पूरी जानकारी आप मेरे इस youtube link पर भी देख सकते हैं|

चन्द्रभेदी प्राणायाम कैसे करें | Chandrabhedi pranayama Steps in Hindi

Step 1: चन्द्रभेदी करने के लिए किसी भी एक आसन में बैठें – पद्मासन, सिद्धासन, सुखासन|

Step 2: बाएं हाथ की ज्ञान मुद्रा बनाएं व दाएं हाथ की प्राणायाम मुद्रा बनाएं|

Step 3:
अंगूठा दांई नासिका पर रखें व अनामिका (ring finger) बाईं नासिका पर रखें|

Step 4: धीरे-धीरे बाईं नासिका से गहरा श्वास अंदर भरें और अनामिका से बाईं नाक को बंद कर लें|

Step 5: श्वास को अंदर रोक कर रखें, मूलबन्ध (निष्कासन मांसपेशियों को अंदर की ओर खींचना मूलबन्ध कहलाता है) लगाएं|

Step 6: जब श्वास अंदर रोकना संभव न हो तो दाईं नाक से धीरे-धीरे सांस को बाहर निकालें|

Step 7: अब बाहर श्वास रोककर बैठें व मूलबन्ध लगाएं|

Step 8: यह एक आवृति हुई| धीरे-धीरे आवृतियों को बढ़ाएं| अब शांत बैठें|

Chndrabhedi Pranayam steps

चन्द्रभेदी प्राणायाम के फायदे | Chndrabhedi Pranayam Benefits in Hindi

तापमान पर control: इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से शरीर का Teperature control में रहता है| इसके करने से शरीर की थकावट व अतिरिक्त उष्णता दूर होती है|

High B.P. ठीक: इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से उच्च रक्तचाप के रोग को ठीक करने में सहायता मिलती है|

मन शांत: इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से मन को शांति मिलती है| मन की बैचेनी व अशांति दूर होती है|

ठंडक का अहसास: इस प्राणायाम को करने से शरीर में अमृत का संचार होता है तथा शरीर को ठंडक का अहसास मिलता है|

गर्मी संबंधी समस्याओं का निदान: इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से गर्मी से होने वाली समस्यायें दूर करने में मदद मिलती है| पित्त की अधिकता शांत होती है|

पसीने की समस्या से छुटकारा: इस प्राणायाम के करने से हाथ व पैरों में पसीना आने की problem दूर होती है|

चन्द्रभेदी प्राणायाम किस-किस को नहीं करना चाहिए | For whom Chandrabhedi pranayama is prohibited

  • Low B.P. व दमे के रोगी को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|
  • हृदय रोगी को कुंभक नहीं लगाना चाहिए|
Babita Gupta

M.A. (Psychology), B.Ed., M.A., M. Phil. (Education). मैंने शिक्षा के क्षेत्र में Assistant professor व सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में Counsellor के रूप कार्य किया है। मैं अपने ज्ञान और अनुभव द्वारा blog के माध्यम से लोगों के जीवन को तनाव-मुक्त व खुशहाल बनाना चाहती हूँ।

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