Vakrasana benefits, Technique and Precautions in Hindi [वक्रासन के फायदे, अभ्यास की विधि तथा सावधानियां]

योग के अभ्यास का हमें ना केवल शारीरिक लाभ होता है बल्कि इससे हमें मानसिक, सामाजिक व आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त होता है| योग वो कड़ी है जो व्यक्ति को पहले अपने आप से और फिर आत्मा से जोड़ती है| इसके अतिरिक्त योगासन शरीर के भिन्न-भिन्न हिस्सों पर अपना प्रभाव डालते हैं| वक्रासन भी एक ऐसा ही आसन है जिसे करने से पेट के अंग प्रभावित होते हैं| पेट की चर्बी घटती है| डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक वक्रासन मधुमेह के रोगी के लिए बहुत लाभदायक आसन है|

वक्रासन क्या है (What is Vakrasana/Twisted Pose)?

बैठ कर किए जाने वाले आसनों में वक्रासन बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है| वक्रासन में वक्र का अर्थ है घुमाव या टेढ़ा| इस आसन का अभ्यास करते समय रीढ़ को घुमाते हैं जिससे शरीर की आकृति टेढ़ी या वक्र हो जाती है इसलिए इसे वक्रासन या Twisted pose कहते हैं|
Vakrasana benefits in Hindi

वक्रासन करने का तरीका (Procedure of Vakrasana in Hindi)

Step 1: आसन पर बैठें| दोनों पैरों को आगे की ओर सीधा करें|

Step 2: दाएं पैर को घुटने से मोड़कर पंजे को बाएं घुटने के पास रखें|

Step 3: बाएं हाथ की कोहनी को दाएं घुटने के ऊपर से लाते हुए टखने को पकड़ें|

Step 4: दाएं हाथ को पीछे आसन पर रखें व पीछे की ओर देखें|

Step 5: यह पूर्णता की स्थिति है सामान्य श्वास लेते रहें|

Step 6: कुछ क्षण इसी स्थिति में रुकें| फिर श्वास छोड़ते हुए वापिस आएं|

Step 7: अब यही क्रिया दूसरी ओर से करेंगे|

Step 8: बाएं पैर को घुटने से मोड़कर पंजे को दाएं घुटने के पास रखें|

Step 9: दाएं हाथ की कोहनी को बाएं घुटने के ऊपर से लाते हुए टखने को पकड़ें|

Step 10: बाएं हाथ को पीछे आसन पर रखें व पीछे की ओर देखें|

Step 11: इतना अभ्यास हो जाने पर Advance stage के लिए (दोनों ओर से) हथेली को पैर के पास पृथ्वी पर रखने का प्रयास करें या पैर के अंगूठे को पकड़ें|

Step 12: यह पूर्णता की स्थिति है सामान्य श्वास लेते रहें|

Step 13: कुछ क्षण रुकें, फिर श्वास छोड़ते हुए वापिस आएं|

Step 14: पैरों में फासला करके दंडासन में विश्राम करें|

वक्रासन के फायदे (Vakrasana Benefits in Hindi)

Diabetes में लाभदायक: इस आसन के करने से पैन्क्रियाज की शक्ति बढ़ती है, जो डायबिटीज/मधुमेह के प्रबंधन में सहायता प्रदान करता है| इसलिए डायबिटीज के रोगी के लिए बहुत अच्छा आसन है|

लीवर के लिए लाभकारी: वक्रासन का नियमित अभ्यास लीवर/यकृत के लिए भी लाभकारी है|

रीढ़ लचीली बनती है: आसन का अभ्यास करते हुए जब हम कमर के भाग से पूरी तरह दाएं व बाएं मुड़ते हैं तो हमारी रीढ़ प्रभाव में आने से लचीली व मजबूत बनती है|

सर्वाइकल के दोष दूर: जब हम गर्दन के भाग से पीछे की ओर मुड़ते हैं तो रीढ़ के उपरी भाग के घुमने से सर्वाइकल के दोष दूर होते हैं

पेट की चर्बी कम: इस आसन का नियमित अभ्यास करने से पेट पर खिंचाव आता है तथा पेट की चर्बी घटती है|

कब्ज की समस्या से राहत: वक्रासन का नियमित अभ्यास करने से पाचन क्रिया में सुधार होता है तथा पेट-दर्द, गैस व कब्ज की समस्या से राहत मिलती है|
सकारात्मक प्रभाव इस आसन का नियमित अभ्यास करने से पेट के सभी अंग सक्रिय होते हैं जिससे इन अंगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है|

वक्रासन करने की सही विधि की पूरी जानकारी आप मेरे इस youtube link पर भी देख सकते हैं|

वक्रासन किन-किन के लिए वर्जित है (For Whom Vakrasana is Prohibited)?

किन-किन को वक्रासन नहीं करना चाहिए|

  • जिन्हें पीठ में दर्द अधिक हो, रीढ़ में दर्द हो व slip-disc की समस्या हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए|
  • जिनके पेट की सर्जरी हाल ही में हुई हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए|
  • महिलाओं को पीरियड्स के दौरान यह आसन नहीं करना चाहिए|
Babita Gupta

I am Babita Gupta M.A.(Psychology), M.Phil. (Education) want to share my knowledge and experiences which I have gained over the years. As an Educationist and Counsellor, I am dedicated to release the stress.

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