कमर दर्द क्या है | कमर दर्द के कारण, लक्षण तथा योग द्वारा कमर दर्द को ठीक करने के उपाय (kamar dard kya hai: kamar dard ke karan, lakshan ttha yog se kamar dard thik karne ke upay in Hindi)

स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है| योगासन हमें स्वास्थ्य लाभ देते हैं, जिससे हमारा मन खुश रहता है| इसलिए हम हर कार्य को तनाव से मुक्त होकर व प्रसन्नतापूर्वक करते हैं| आसनों का उपयोग करके हम अपने शरीर को स्वस्थ भी रख सकते हैं तथा रोगों से दूर भी| इसलिए हमें प्रतिदिन योगाभ्यास करना चाहिए|

कमर दर्द क्या है? (kamar dard kya hai)

कमर दर्द की समस्या आज के जीवन में एक आम बात हो गई है। कमर दर्द की समस्या से हर दूसरा व्यक्ति परेशान है| महिलाओं में इसकी संख्या अधिक देखने को मिलती है| इसकी मुख्य वजह हमारा लाइफस्टाइल व एक ही तरीके से ज्यादा समय तक बैठे रहना या खड़े होना हो सकता है| कई बार हम शरीर में आने वाली समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं। जो बाद में बीमारियों का रूप ले लेती है| कमर दर्द/बैक पेन एक ऐसी ही समस्या है|

कमर हमारी रीढ़ का ही एक भाग है| हमारी रीढ़ पांच स्थानों से मुड़ी हुई है| रीढ़ के ऊपरी भाग को सर्वाइकल, मध्य के भाग को पीठ तथा नीचे के भाग को कमर कहा जाता है| इसमें 33 गोटियाँ हैं, जिनके बीच में एक-एक गद्दी है| इन गद्दियों के कारण हमें झटके नहीं लगते| इन गोटियों के कारण हम रीढ़ को आगे-पीछे व दाएं बाएं गति दे सकते हैं व भिन्न-भिन्न स्थानों से मोड़ भी सकते हैं| रीढ़ के इस निचले भाग में दर्द हो तो इसे बेक पेन/कमर दर्द कहा जाता है|

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कमर दर्द के कारण (kamar dard ke karan)

आजकल कमर दर्द होना एक आम बात हो गई है| इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे:

  • एक ही posture या एक ही अवस्था में ज्यादा समय तक झुके रहने के कारण बैक पेन हो जाती है|
  • अधिक समय तक खड़े रहने या बैठे रहने के कारण भी हमारी कमर में दर्द होने लगता है।
  • यदि हमें अचानक से झुकना पड़े तो कई बार झटका लगने से मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है, जो कमर दर्द का कारण बन सकता है|
  • कई बार कमर की मांसपेशियों में ऐंठन या कड़ापन महसूस होने लगता है जिससे कमर को झुकाने में परेशानी आती है और ये कमर दर्द का कारण बनता है|
  • सही तरीके से न बैठना, बहुत अधिक वजन उठाना आदि कमर दर्द के कारण हो सकते हैं|
  • भोजन में कैल्शियम की कमी होने पर भी कमर दर्द हो सकता है|

कमर दर्द की इन छोटी-छोटी समस्याओं को अनदेखा कर दिया जाए तो यह एक गंभीर समस्या का रूप ले सकता है|

कमर दर्द के लक्षण (kamar dard ke lakshan)

  • कमर दर्द होने पर उठने बैठने में परेशानी होती है|
  • चलते समय भी कमर में दर्द महसूस होता है तथा चलने में परेशानी आती है|
  • सोने, लेटने या झुकने में दिक्कत आती है|

कमर दर्द से आराम देने वाले उपाय (kamar dard thik karne ke upay)

  • कमर दर्द की समस्या होने पर हमें यह देखना पड़ेगा कि ये समस्या क्यों हुई जैसे लगातार किसी एक posture में खड़े रहे, झुके रहे या झटका लगा आदि| और उसी प्रकार का उपाय उसके लिए करना पड़ेगा| जैसे अपने posture का ध्यान रखें, एक ही posture में ज्यादा समय तक ना रहें|
  • computer, laptop पर ज्यादा देर तक काम करना पड़े तो थोड़ी-थोड़ी देर बाद उठते रहें, थोड़ी देर टहलें, हाथों को घुमाएं, कमर के भाग से पीछे की ओर झुकें आदि|
  • शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए हमें दूध पिएं| व कैल्शियम-युक्त आहार लें जैसे दूध, फल व हरी-पत्तेदार सब्जियां (पालक के आलावा), सोयाबीन (इसमें प्रोटीन भी भरपूर होता है), nuts, seeds, beans (राजमा, हरे व काले चने) आदि|

कमर-दर्द क्या है, कमर दर्द के कारण, लक्षण तथा कमर-दर्द ठीक करने के उपाय की सही व पूरी जानकारी आप मेरे इस youtube link पर भी देख सकते हैं|

कमर दर्द की समस्या से बचने के लिए योग का सहारा ले सकते हैं कुछ बहुत ही सिंपल एक्सरसाइज व योगासन करके हम कमर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं|

कमर दर्द के लिए सिंपल एक्सरसाइज या सूक्ष्म क्रियाएं

  1. पीठ के बल आसन पर लेटें| दाएं पैर को घुटने से मोड़ें तथा बाएं पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाते हुए 90 डिग्री तक ऊपर लेकर जाएं| अपनी क्षमता के अनुसार करें| यदि पैर को पूरा नहीं उठा पा रहे हैं तो जबरदस्ती बिल्कुल ना करें| फिर धीरे-धीरे वापिस नीचे लाएं| ऐसा बार-बार करें| फिर दूसरी तरफ से भी यही क्रिया करें|
  2. आसन पर लेटें| अपने पैरों को घुटने से मोड़े| अब धीरे-धीरे कमर के भाग से ऊपर उठें, फिर धीरे-धीरे नीचे वापिस आएं| जितना आराम से ऊपर उठ सकते हैं उतना ही करें| ऐसा बार-बार करें| यह क्रिया करते हुए कमर में झटका न लगने दें|
  3. आसन पर करवट लेकर (left-side) लेटें| धीरे-धीरे एक पैर (right) को ऊपर लेकर आएं| पैर को घुटने से ना मुड़ने दें| फिर धीरे-धीरे नीचे लेकर आएं| यह क्रिया बार-बार करें| अब दूसरी करवट लेकर लेटें| अब left पैर को धीरे-धीरे ऊपर लेकर आएं| फिर धीरे-धीरे नीचे लेकर आएं| यह क्रिया बार-बार करें|

ऐसे सूक्ष्म क्रियाओं का नियमित अभ्यास करने से कमर-दर्द में आराम मिलता है| और अगर कमर में दर्द नहीं है तो इन क्रियाओं के करने से कमर व रीढ़ लचीली बनती है तथा कमर में दर्द होता ही नहीं है|

कमर दर्द के लिए आसन (kamar dard ke liye aasan)

कमर दर्द को आराम दिलाने के लिए हमें आसन करते समय कमर के भाग से पीछे की ओर झुकने वाले आसन करने चाहिएं| पीछे की तरफ झुकने से हमारी रीढ़ पर विपरीत दिशा में प्रभाव पड़ता है जिससे कमर दर्द में आराम मिलता है| कुछ विशेष आसन जैसे कटी-चक्रासन, अर्धचक्रासन, अश्वत्थासन, उष्ट्रासन, भुजंगासन, शलभासन, धनुरासन, सेतुबंधासन, चक्रासन आदि आसन कमर दर्द में आराम दिलाने के लिए महत्वपूर्ण हैं|

कटी चक्रासन (Katichakrasana): इस आसन को करते हुए हम कमर के भाग से दाएं-बाएं घूमते हैं तो कमर की मांसपेशियां खिंचाव में आती हैं| जिससे कमर व रीढ़ लचीली बनती है|

अर्ध चक्रासन (Artha Chakrasana): इस आसन का अभ्यास करते हुए हम हाथों से कमर को सहारा देते हुए पीछे की ओर झुकते हैं। ऐसा करने से रीढ़ पर प्रभाव पड़ता है यह लचीली बनती है तथा कमर दर्द में आराम मिलता है|

अश्वत्थासन (Ashwathasana): इस आसन का नियमित अभ्यास करने से रीढ़ पर प्रभाव पड़ता है जिससे कमर के निचले भाग का दर्द ठीक होता है|

उष्ट्रासन (Ustrasana) रीढ़ के तीनों भाग सर्वाइकल, पीठ तथा कमर का निचला भाग प्रभावित होकर लचीला बनता है इस आसन के करने से रीढ़ की परेशानियां दूर होती हैं|

भुजंगासन (Bhujangasana): भुजंगासन करने से रीढ़ लचीली बनती है सर्वाइकल व स्लिप डिस्क के दोष दूर होते हैं, कमर दर्द ठीक होता है सर्वाइकल स्लिप डिस्क पीठ दर्द जैसे रोग कुछ ही दिनों के नियमित अभ्यास करने से दूर हो जाते हैं|

शलभासन (Shalabhasana): शलभासन करने से रीढ़ का निचला भाग, जो सबसे अधिक कड़ा होता है, वह लचीला वह मजबूत बनता है रीढ़ के सभी विकार दूर होते हैं जैसे कमर दर्द, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क|

धनुरासन (Dhanurasana): धनुरासन करने से जब हम पैरों को हाथों से पकड़कर पीछे की ओर खींचते हैं तो रीढ़ प्रभावित होती है इससे कमर दर्द में आराम मिलता है|

सेतुबंधासन (Setubandhasana): इस आसन को करते हुए हम रीढ़ (spine) के भाग से ऊपर की ओर उठते हैं जिससे रीढ़ विपरीत दिशा में मुडती है| जिससे यह लचीली बनती है| इस आसन का नियमित अभ्यास करने से कमर दर्द में आराम मिलता है तथा कमर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं|

मर्कटासन (Markatasana): मर्कटासन का नियमित अभ्यास करने से रीढ़ विपरीत दिशा में मुड़ती है जिससे रीढ़ के ऊपरी तथा निचले भाग में flexibility आती है| इससे रीढ़ के सभी दोष जैसे सर्वाइकल, स्लिपडिस्क व कमर दर्द आदि में आराम मिलता है|

चक्रासन (Chakrasana): चक्रासन करते हुए हम अपने शरीर के बीच के भाग से विपरीत दिशा में झुकते हैं इससे हमारी रीढ़ विपरीत दिशा में मुड़ती है, इससे रीढ़ लचीली बनती है| रीढ़ के प्रभावित होने से कमर के निचले भाग का दर्द, स्लिप डिस्क तथा ऊपरी भाग के रोग जैसे सर्वाइकल आदि ठीक होने में सहायता मिलती है।

इस प्रकार यदि हम रूटीन में भी इन योगासनों का नियमित अभ्यास करते रहें तो हमारी रीढ़ इतनी flexible हो जाएगी कि कमर-दर्द की समस्या उत्पन्न ही नहीं होगी|

Babita Gupta

I am Babita Gupta M.A.(Psychology), M.Phil. (Education) want to share my knowledge and experiences which I have gained over the years. As an Educationist and Counsellor, I am dedicated to release the stress.

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