भुजंगासन के अभ्यास की विधि, फायदे तथा सावधानियां (Bhujangasana benefits, technique and precautions in Hindi)

योगाभ्यास का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आध्यात्मिक व सामाजिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है| योगाभ्यास को धैर्य व एकाग्रता के साथ करने से उसका लाभ ओर अधिक मिलता है| यह शरीर को स्वस्थ व लचीला बनाने के साथ-साथ आलस्य व तनाव को भी दूर करता है| योगाभ्यास करते समय यदि अपना पूरा ध्यान उन अंगों पर रखें जो उस योग से सम्बंधित हैं तो योग का लाभ ओर अधिक मिलता है|

भुजंगासन क्या है (what is Bhujangasana)?

पेट के बल लेटकर किये जाने वाले आसनों में भुजंगासन एक सरल व बहुत महत्वपूर्ण आसन है| भुजंगासन दो शब्दों के मेल से बना है भुजंग + आसन | यहाँ भुजंग का अर्थ सांप या सर्प है तथा आसन का अर्थ है आकृति या मुद्रा| आसन करते समय जब हम पूर्णता की स्थिति में आते हैं तो शरीर की आकृति सर्प के फन के समान दिखाई देती है इसलिए इसे भुजंगासन कहते हैं| भुजंगासन को Cobra pose भी कहते हैं| भुजंगासन, सर्पासन का ही एक अन्य रूप है|

भुजंगासन की विधि (Procedure of Bhujangasana in Hindi)

यहाँ हम भुजंगासन दो विधियों से करेंगे|

भुजंगासन की विधि

विधि 1:

सबसे पहले मकरासन में लेटें|

Step 1: अब अपने दोनों पैरों के एड़ी-पंजे मिलाएं व पंजे बाहर की ओर ताने|

Step 2: माथा आसन पर लगाएं|

Step 3:
दोनों हाथों को मोड़कर हथेलियों को ठोड़ी के पास दाएं–बाएं रखें तथा कोहनियां शरीर के साथ व पृथ्वी पर लगी हों|

Step 4: श्वास भरते हुए धीरे-धीरे धड़ को ऊपर उठायें| नाभि तक का भाग ऊपर उठे तथा पूरा भार पेट पर रहे|

Step 5: कोहनियां केवल थोड़ी सी ऊपर उठाएं| अब आकाश की ओर देखें|

Step 6: यह पूर्णता की स्थिति है, अब सामान्य श्वास लेते रहें|

Step 7: श्वास छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापिस आएं व मकरासन में विश्राम करें|

विधि 2:

Step 1: पहले मकरासन में पेट के बल लेटें|

Step 2: अपने दोनों पैरों के एड़ी-पंजे मिलाएं व पंजे बाहर की ओर ताने|

Step 3: माथा आसन पर लगाएं|

Step 4: हथेलियों को कंधों के नीचे रखें तथा कोहनियां आकाश की ओर ऊपर उठी हुई या खड़ी हुई हों|

Step 5: श्वास भरते हुए धीरे-धीरे शरीर के धड़ के (chest) भाग से ऊपर उठें|

Step 6: सिर को इतना पीछे की ओर लेकर जाएं कि नाभि तक का भाग ऊपर उठे|

Step 7: यह पूर्णता की स्थिति है| यहाँ कुछ क्षण रुकें व सामान्य श्वास लेते रहें|

Step 8: फिर धीरे-धीरे श्वास बाहर निकालते हुए वापिस आयें|

Step 9: अब मकरासन में विश्राम करें|

भुजंगासन (Bhujangasana) करने की सही विधि व इसकी पूरी जानकारी आप मेरे इस youtube link पर भी देख सकते हैं|

भुजंगासन के फायदे (Bhujangasana benefits in Hindi)

मस्तिष्क प्रभावित होता है: भुजंगासन करते समय मस्तिष्क में स्थित Medulla-Oblongata (Hindmost part of the Brain) प्रभावित होता है| इसके प्रभावित होने से सम्पूर्ण
शरीर में मस्तिष्क द्वारा भेजे गए सन्देश सुचारू रूप से पहुंचते है|

तनाव (Stress) कम होता है: यह आसन तनाव प्रबंधन के लिए अच्छा माना गया है| इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव कम करने में सहायता मिलती है|

फेफडों के लिए लाभदायक: फेफडों में श्वास लेने की क्षमता बढ़ती है तथा श्वास सम्बन्धी दोष दूर होते हैं|

पीठ दर्द में आराम मिलता है: भुजंगासन करते समय हम कमर के भाग से पीछे की तरफ उठते हैं जिस से हमारी कमर पीछे की ओर झुकती है| इस प्रकार हमारी कमर दर्द में आराम मिलता है|

रीढ़ लचीली बनती है: रीढ़ की जोड़ व गोटियाँ प्रभाव में आती हैं जिससे रीढ़ के दोष दूर होते है| रीढ़ लचीली व मजबूत बनती है|

Hips तथा पैरों की नसें व मांसपेशियां प्रभावित होने से इनके दोष दूर होते हैं|

पेट की चर्बी कम होती है: इस आसन को करने से पेडू के सभी अंगों की मसाज होती है तथा पेट की अतिरिक्त वसा कम करने में यह आसन सहायक है|

कब्ज से राहत: इस आसन का नियमित अभ्यास करने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है|

स्त्रियों के लिए बहुत अच्छा आसन है: इस आसन के करने से स्त्रियों में मासिक धर्म सम्बन्धी परेशानियाँ दूर होती हैं तथा नियमितता आती है|

भुजंगासन किन-किन के लिए वर्जित है (For whom Bhujangasana prohibited)?

  • किन-किन को यह आसन नहीं करना चाहिए|
  • जिन्हें हर्निया की problem हो और जिनके पेट की सर्जरी हुई हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए|
  • जिन्हें रीढ़ या कमर में अधिक दर्द हो उन्हें भी यह आसन नहीं करना चाहिए|
  • जिन्हें सिर दर्द अधिक हो या जिनको high बी.पी. की समस्या अधिक हो उन्हें भी यह आसन नहीं करना चाहिए|
Babita Gupta

I am Babita Gupta M.A.(Psychology), M.Phil. (Education) want to share my knowledge and experiences which I have gained over the years. As an Educationist and Counsellor, I am dedicated to release the stress.

Leave a Comment

Copy link