बच्चों में कोरोना के कारण तनाव (stress due to corona in Children)

कोरोना महामारी के कारण सभी तनाव से ग्रस्त हैं| बच्चे भी इससे अछूते नहीं हैं| कोरोना महामारी के बारे में बच्चों को भी बताएं| इस बात को सही व स्पष्ट समझाएं कि किस प्रकार बीमारी का संक्रमण बढ़ रहा है तथा इसके खतरों को कैसे कम किया जा सकता है| जैसे मास्क पहनकर, बार-बार हाथ धोकर तथा दूसरों से दूरी बना कर आदि| कोरोना के बारे में बच्चों की उम्र के अनुसार उन्हें सही जानकारी दें|

कोरोना के कारण काफी समय से स्कूल बंद हैं और बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज से पढ़ाई करवाई जा रही है| ताकि बच्चों को स्कूल न आना पड़े तथा वे पढ़ाई से भी जुड़े रहें| लेकिन इस का बच्चों के स्वास्थ्य पर शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से बुरा प्रभाव पड़ रहा है|

बच्चों में कोरोना के कारण तनाव

बच्चों में कोरोना से स्ट्रेस/तनाव के लक्ष्ण

सभी बच्चे एक जैसे नहीं होते| जिस प्रकार उनके व्यवहार में अंतर होता है, उसी प्रकार उनके तनाव व तनाव के लक्ष्णों में भी अंतर होता है| बच्चे तनाव के समय अलग-अलग व्यवहार करते हैं जो निम्न प्रकार से हो सकता है|

  • चिंता करना
  • अलग रहना
  • माता या पिता से जुड़ कर रहना
  • क्रोधित होना
  • उत्तेजित होना
  • चुप बैठे रहना
  • छोटे बच्चे बिस्तर गीला कर सकते हैं

बच्चों में कोरोना से तनाव के कारण

  • स्कूल में टीचर के सम्पर्क में बच्चा ज्यादा सीखता है| स्कूल में बच्चों को आपस में तथा टीचर के साथ discussion करने से जल्दी समझ आ जाता है| परन्तु ऑनलाइन स्टडी में बच्चों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है जिससे उन में तनाव बढ़ रहा है|
  • बच्चों को बाहर न खेलने देने से भी उन में तनाव उत्पन्न हो रहा है|
  • खेलते हुए भी बच्चों को मास्क व दूरी बनाये रखनी पड़ती है| इसके कारण भी उन में तनाव बढ़ रहा है|
  • आजकल परीक्षाएं भी ऑनलाइन हो रही हैं| परीक्षा कैसी होगी हमें इसके बारे में नहीं सोचना चाहिये, इसके कारण भी तनाव बढ़ता है, बल्कि हमारा पूरा ध्यान अपनी तैयारी पर होना चाहिए|

बच्चों में कोरोना से होने वाले तनाव को दूर करने के उपाय

बच्चों को तनाव के समय ध्यान व प्यार की आवश्यकता होती है| उनकी बात को ध्यान से सुनें| उनसे संवेदनापूर्ण व्यवहार करें| उनको आश्वासन दें| बच्चों को आराम के लिए समय दें| अगर बच्चे छोटे हैं, तो उन के साथ खेलें व समय बिताएं| इस प्रकार ओर भी तरीके अपना कर बच्चों के तनाव को कम किया जा सकता है|

  • कंप्यूटर व mobile से दूरी: बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है| इस कारण बच्चों को कंप्यूटर व मोबाइल पर पढ़ाई करने में ज्यादा समय देना पड़ता है| इसलिए यदि बच्चे किसी अन्य काम को करने के लिए कंप्यूटर या मोबाइल से दूरी बना सकें तो ये उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है जैसे पढ़ाई के बाद games व video आदि न देखें| इस से बच्चों की आखें भी ठीक रहेंगी व तनाव भी नहीं होगा|
  • पौषण से भरपूर भोजन लें: कहा भी गया है कि जैसा खाओगे अन्न वैसा होगा मन| स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है| आजकल हमें सारा काम ऑनलाइन ही करना पड़ता है जिससे बैठे बैठे बच्चों में मोटापा बढ़ता जा रहा है| इसलिए उन के भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम तथा प्रोटीन, कैल्शियम, पोटाशियम व मिनरल्स की मात्रा ज्यादा होनी चाहिए| ताकि उन को सभी पौषक तत्व मिलें और मोटापा भी न हो| इससे मन प्रसन्न व शरीर स्वस्थ रहेगा तथा तनाव भी नहीं होगा|
  • योग करें: योग हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है| सुबह या शाम को जब भी समय मिले लगभग 30 मिनट योग करें| गर्दन व आँखों को घुमाने की क्रिया करें| इससे आँखों को भी आराम मिलेगा व शरीर भी active रहेगा| प्राणायाम करें | प्राणायाम करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है|
  • काम के बीच में ब्रेक लें: सभी को work from home की तर्ज पर काम करना पड़ रहा है| इसलिए हर दो घंटे के बाद ब्रेक लें| बीच-बीच में टहलें, पानी पियें, किसी से बात करें, आँखों को आराम दें, फिर काम करें| बच्चे यदि छोटे हैं तो उन्हें बीच बीच में खाने व खेलने के लिए break दें| इससे शरीर रिलैक्स रहेगा तथा बच्चों व माता-पिता को तनाव भी नहीं होगा|
  • पूरी नींद लें बच्चों को 6-8 घंटे की पूरी नींद लेनी चाहिए| नींद से ऊर्जा संग्रहित होती है| नींद पूरी होने से हम एकाग्रता से काम कर पाते हैं| पूरी नींद हमें स्वस्थ व निरोग रखने में मदद करती है|

माता पिता के लिए आवश्यक कदम

आज इस महामारी के समय सभी कंप्यूटर या mobile पर काम करने के लिए मजबूर हैं| लेकिन सारा काम स्क्रीन पर करने से सभी को मानसिक व शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है| बच्चों की कोमल आखों पर इस का प्रभाव ज्यादा न पड़े, इस के लिए माता-पिता को कुछ बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है|

  • छोटे बच्चों के लिए कंप्यूटर पर पासवर्ड खुद सेट करें तथा काम के समय खोल कर दें जिससे वह अनावश्यक स्क्रीन का उपयोग न करे|
  • बच्चों को पढ़ाई पूरी होने पर mobile व कंप्यूटर से अलग कुछ रचनात्मक करने के लिए प्रेरित करें| उन के साथ खेलें, किताबें पढ़ें, ड्राइंग, पेंटिंग या कुछ craft (क्राफ्ट) करें|
  • बच्चे कंप्यूटर या mobile पर क्या कर रहे हैं, इस पर नजर रखें|
  • कंप्यूटर व मोबाइल से games को हटा दें ताकि बच्चे उन पर समय बर्बाद न करें|
  • यदि आपके बच्चे में कुछ ऐसी आदतें हैं, जैसे जिद करना, लापरवाही करना, काम को करने से टलना आदि तो इनको समय रहते बदलने की कोशिश करें| क्योंकि जितनी अच्छी आदतें होंगी, उतना ही जीवन खुश व तनावमुक्त होगा|
Babita Gupta

I am Babita Gupta M.A.(Psychology), M.Phil. (Education) want to share my knowledge and experiences which I have gained over the years. As an Educationist and Counsellor, I am dedicated to release the stress.

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