गर्भावस्था में तनाव हिंदी में (Stress During Pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था हर औरत के जीवन का सबसे खूबसूरत समय होता है| इस समय हर औरत पूर्णत्व का एहसास करती है| यह एक सुखद अहसास होता है| इस समय उसे शारीरिक व मानसिक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है| गर्भावस्था का समय बहुत संवेदनशील समय होता है| यह नौ-महीने का समय शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है|

इस समय कई बार महिलाएं तनाव, चिंता, अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं से घिर जाती हैं तथा इन समस्याओं को चुपचाप सहन करती रहती हैं| इस से तनाव तथा नकारात्मकता आने लगती है | ये बुरे प्रभाव आने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर भी पड़ते हैं|

Stress During Pregnancy in Hindi)

गर्भावस्था में तनाव के लक्ष्ण

  • सिरदर्द
  • नींद की कमी
  • उल्टी व चक्कर आना
  • बी.पी. की समस्या
  • वजन कम होना
  • बार-बार पेशाब आना
  • कमर दर्द
  • थकावट
  • भूख की कमी
  • चिड़चिड़ापन

गर्भावस्था में तनाव के कारण

  • गर्भावस्था में हार्मोन्स में बदलाव के कारण जो शारीरिक परिवर्तन आते हैं, वे तनाव का कारण हो सकते हैं|
  • इस समय शरीर व कमर में दर्द तनाव का कारण हो सकता है|
  • यदि कोई महिला labour-pain या बच्चे की सेहत के बारे में अत्याधिक सोचने लगे, तो ये भी तनाव का कारण हो सकता है|
  • इस समय कई लोग जो सलाह देते हैं उससे ऊब कर महिला तनाव ले सकती है
  • महिलाओं को अपने आस-पास का माहौल सकारात्मक बना कर रखना चाहिए तथा नकारात्मक बातों से दूर रहना चाहिए|

गर्भावस्था में तनाव को दूर करने के उपाय

बेवजह नकारात्मक न सोचें: किसी प्रकार की नकारात्मक सोच को अपने ऊपर हावी न होनें दें| अपने आस-पास के माहौल को खुशनुमा बना कर रखें| सभी से हंस कर बात करें और भविष्य के बारे में अच्छा सोचें| अच्छा सोचेंगे तो अच्छा ही होगा, इस पर विश्वास रखें| सकारात्मक रहने से हर मुश्किल से निकलने की क्षमता मिलती है| इससे आप अपने को तनाव से मुक्त रख सकती हैं|

पौष्टिक आहार लें: ताजे फल व सब्जियां खाएं| कई बार पौषक तत्वों की कमी से चिड़चिड़ापन व तनाव हो जाता है| विटामिन सी युक्त फल लें जैसे संतरा| आयरन-युक्त सब्जियां जैसे ब्रोकली, हरी सब्जियां धोकर व पका कर खाएं| भिगोये हुए बादाम, अखरोट, तथा काजू खाएं|

अपनी दिनचर्या निर्धारित करें: अपने काम के हिसाब से अपनी दिनचर्या निर्धारित करें| जब आप के पास हर काम को करने का समय निश्चित होगा तो चिडचिडापन नहीं होगा तथा तनाव भी नहीं होगा| इससे आपको आराम करने का समय भी मिल जायेगा|

व्यस्त रहें व कुछ क्रिएटिव करें: अपने आप को कामों में व्यस्त रखें| व्यस्त रहेंगे तो उल्टे-सीधे ख्याल नहीं आएंगे तथा कुछ काम करने का सुख भी मिलेगा| कुछ नया व क्रिएटिव सीखने में समय लगायें| अपनी हॉबी को समय दें जैसे सिलाई, बेकिंग, कढ़ाई-बुनाई, रीडिंग-राइटिंग, क्राफ्ट| इससे मन खुश रहेगा तथा तनाव भी नहीं होगा|

योग व ध्यान करें अपनी सेहत के हिसाब से व्यायाम या yoga करें| योग-आसन के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें| ध्यान या meditation करें| यदि yoga करना संभव न हो तो पार्क या घर में घूमें|

हंसी योग करें: हररोज हंसी योग करें| जोर-जोर से हंसने के बहुत फायदे हैं, जो गर्भावस्था के समय माँ व बच्चे के लिए लाभकारी हैं| इससे तनाव दूर होता है, mood ठीक रहता है तथा नींद अच्छी आती है| हंसी आसन से हैप्पी हार्मोन्स का स्त्राव होता है जो तनाव कम करने में लाभदायक है| हंसने से positivity आती है, जो आपकी परिस्थितियों के लिए बहुत जरूरी है|

दोस्तों से बात करें: तनाव की स्थिति में अपने परिवार व दोस्तों के सहयोग से सकारात्मक सोच को बनाये रखें| इस समय औरत को अपने अंदर की शक्ति को बनाए रखना चाहिए व अपनी क्षमता को पहचानना चाहिए|

सोने से पहले किताबें पढ़ें या संगीत सुनें: सही समय पर सोने जाएँ| अच्छी व पूरी नींद लें| सोने से पहले अच्छी किताबें पढ़ें| आप अपना मन पसंद संगीत भी सुन सकते हैं| इससे नींद अच्छी आएगी व आप स्वस्थ व तनावमुक्त रहेंगे|

रेगुलर चेकअप करवाएं: रेगुलर चेकअप के लिए डॉक्टर के पास जाएँ व उनकी सलाह के अनुसार अपना ध्यान रखें| तनाव होने पर अपने डॉक्टर की सलाह से मनोचिकित्सक से बात करें|

मनोचिकित्सक से सलाह लें: तनावयुक्त स्थिति से बचने का प्रयास करें| अगर फिर भी तनाव हो तो मनोचिकित्सक से सलाह लें| अपनी समस्याओं के लिए मनोचिकित्सक या काउंसलर से सम्पर्क करना उतना ही सामान्य बात है, जितना किसी अन्य बीमारी के लिए डॉक्टर के पास जाना|

Babita Gupta

I am Babita Gupta M.A.(Psychology), M.Phil. (Education) want to share my knowledge and experiences which I have gained over the years. As an Educationist and Counsellor, I am dedicated to release the stress.

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